मऊ, अक्टूबर 29 -- Mau News: घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। तहसील अंतर्गत विभिन्न ग्राम सभाओं में एग्रीस्टैक के कार्यों में राजस्व कर्मियों द्वारा सर्वे व फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में की गई लापरवाही अब किसानों के गले की फांस बन गई है। धान बेचने के लिये किसानों द्वारा कराये जा रहे आनलाईन पंजीकरण में क्राप सर्वे की सही जानकारी सर्वर पर फीड न होने के कारण किसानों का क्षेत्रफल व सिंचित व असिंचित रकबा में अंतर होने, समस्त गाटा संख्या दर्ज न होने के कारण पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। जिससे किसान तहसील का चक्कर लगाने को विवश हैं। धान की फसल बेचने के लिए राज्य सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा व्यापक पैमाने पर बदलाव किया है। जिसमें एग्रीस्टैक के माध्यम से फसलों का सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का आनलाईन डाटा सिंक होने के बाद उनका ...