मथुरा, अक्टूबर 14 -- Mathura News: बंद पड़ी छाता चीनी मिल चालू कराने और किसानों की समस्याओं को लेकर चल रहा भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसानों का धरना प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। धरने के 63 दिन पूरे होने पर ललित कर्मयोगी ने कहा कि यदि कोई नेता या जनप्रतिनिधि किसानों के बीच आना चाहता है, तो वह नेता बनकर नहीं, बल्कि एक साधारण किसान बनकर आए। किसानों ने कहा कि अब जनप्रतिनिधियों का पुतला फूंका जोगा। यदि पुतला दहन रोकने की कोशिश की गई, तो केवल चीनी मिल परिसर तक ही यह विरोध सीमित नहीं रहेगा। चेतावनी दी गई है कि बरसाना, शेरगढ़, चौमुंहा और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगभग 20 पुतले तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थान पर जलाया जा सकता है।

किसानों का धरना और पुतला दहन की चेतावनी राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन ...