नई दिल्ली, मार्च 5 -- March 6 History : वक्त का दरिया अपनी रफ्तार से खामोशी के साथ बहता रहता है, लेकिन इसकी लहरें अपने पीछे कुछ ऐसे गहरे निशान छोड़ जाती हैं, जिन्हें हम 'इतिहास' कहते हैं। कलैंडर की तारीखें सिर्फ नंबर नहीं होतीं, बल्कि ये वो झरोखे होते हैं जिनसे झांककर हम सदियों पुरानी दुनिया का अक्स देख सकते हैं। भारतीय और विश्व इतिहास की किताब में 6 मार्च का पन्ना भी ऐसी ही कई दिलचस्प, हैरान करने वाली और अहम घटनाओं से भरा हुआ है। यह वो तारीख है जिसने एक तरफ मुगल सल्तनत के वारिस को दुनिया में आते देखा, तो दूसरी तरफ हिन्दुस्तान की सरजमीं पर दो महान विचारकों के ऐतिहासिक मिलन की गवाही दी। कहीं किसी देश ने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ा, तो कहीं खेल के मैदान में एक नई दास्तान का आगाज हुआ। आइए, आज के इस खास सफर में मुड़कर देखते हैं 6 मार्च की वो ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.