नई दिल्ली, अगस्त 18 -- Mangla Gauri Vrat Kahani, Katha: सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत का विधान है। यह व्रत माता पार्वती को समर्पित हैं। आज 18 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन के साथ ही व्रत कथा सुनने या पढ़ने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत कथा के पाठ या श्रवण करने से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यहां पढ़ें मंगला गौरी व्रत कथा।धनसेठ की नहीं थी संतान पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक धर्मपाल नाम का एक बहुत धनवान सेठ रहता था। उसके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। इस बात से वह और उसकी पत्नी बहुत दुखी और निराश रहते थे। यह भी पढ़ें- आज से बुध हुए अस्त, 18 सितंबर तक ...