नई दिल्ली, अगस्त 17 -- Mangla Gauri Vrat katha : सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत सावन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर पड़ेगी। 18 अगस्त के दिन सावन का तृतीया मंगला गौरी व्रत मंगलवार को है। मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत रखने से माता पार्वती खुश होती हैं और अपने भक्तों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देती हैं। जिन युवतियों का हाल ही में विवाह हुआ है और उसके बाद यह उनका पहला सावन है तो मंगला गौरी के लिए विशेष नियम माने गए हैं, जिनका पालन करना चाहिए। सावन के मंगला गौरी व्रत पर कथा का पाठ करना जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत का पूजा मुहूर्त, विधि, नियम और कथा -मंगला गौरी व्रत कथा मंगला गौरी व्रत कथा पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय की बात है। एक नगर में धर्मपाल नाम का सेठ अपनी पत्नी के साथ रहता था। उनके पास धन-...