नई दिल्ली, मई 4 -- हिंदू पंचांग में अधिक मास या मलमास का विशेष महत्व है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह समय पूरी तरह भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित माना जाता है। साल 2026 में मलमास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस दौरान कई मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, लेकिन आध्यात्मिक साधना के लिए यह महीना अत्यंत शुभ होता है।मलमास क्यों पड़ता है? जब सूर्य की गति धीमी हो जाती है और चंद्र मास सूर्य मास से आगे निकल जाता है, तब अधिक मास पड़ता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह घटना लगभग हर 2.5 साल में होती है। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास आ रहा है। शास्त्रों में इसे भगवान विष्णु का विशेष मास माना गया है। इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास का नाम दिया गया है।2026 में मलमास की तिथियां वैदिक पंचांग के अनुसार, मलमास 17 मई 2026 को शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। ...