मैनपुरी, अगस्त 5 -- Mainpuri News: नगर के प्राचीन श्री भीमसेन जी महाराज मंदिर में श्रावण मास महोत्सव के तहत श्रीरामचरितमानस कथा के अंतिम दिन आचार्य शशिकांत तिवारी रामायणी ने रामराज की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। आचार्य ने कहा कि श्री रामराज केवल राजसत्ता का अभ्युदय नहीं था, अपितु धर्माधिष्ठित लोकमंगल, न्यायनिष्ठ शासन, मर्यादासंवलित आचरण का अनुपम आदर्श था। आचार्य ने बताया कि उस पावन युग में प्रजाजन भय, शोक, अन्याय और अभाव से मुक्त होकर, धर्मानुकूल जीवन का पालन करते थे। नृपति श्रीराम का शासन दंडप्रधान नहीं बल्कि सत्य, समत्व, उत्तरदायित्व, शुचिता, सदाचार और लोकहितैषिता का सजीव आलोक था। आचार्य ने कहा कि श्रीराम राज्य आज भी मानव-सभ्यता के लिए मर्यादा, न्याय, त्याग, उत्तरदायित्व और लोकसेवा का अक्षय आदर्श है, जो स्मरण कराता है कि सत्त वास्तविक वैभ...