मैनपुरी, सितम्बर 12 -- Mainpuri News: जागीर विकास खंड क्षेत्र का भांवत गांव सिंघाड़े की खेती के लिए दूर-दूर तक पहचान रखता है। गांव और आसपास के इलाके में सदियों से तालाबों में सिंघाड़े की खेती होती चली आ रही है। कभी करीब 2500 बीघा तालाब क्षेत्र में होने वाली यह खेती अब पानी की कमी के चलते सिमटकर करीब 2000 बीघा रह गई है। बावजूद इसके सिंघाड़े की फसल किसानों के लिए कम समय में अच्छा मुनाफा देने वाली खेती बनी हुई है। भांवत के किसान सिंघाड़े की बेल जलेसर से लाकर तालाबों में रोपते हैं। करीब चार से पांच माह में फसल तैयार हो जाती है। इन दिनों तालाबों में तैयार हो रहा कच्चा सिंघाड़ा शुरू हो गया है। सीमित मात्रा में बाजार में पहुंचने भी लगा है। आने वाले कुछ दिनों में इसकी आवक बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारी गांव पहुंचकर किसानों से सिंघाड़ा खरीद रहे हैं।...