महाराजगंज, अक्टूबर 10 -- Maharajganj News: महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला मुख्यालय व आसपास के सिवानों में कृषि भूमि पर बिना स्वीकृत ले-आउट अवैध प्लॉटिंग का बड़ा साइड इफेक्ट शहर के सुनियोजित विकास पर दिखने लगा है। भूमाफिया व बिचौलिये धड़ल्ले से खेत के गाटों में अवैध कॉलोनियां काटकर बेच रहे हैं, जिससे शहर में मकानों की बाढ़ तो आ गई है, लेकिन नक्शा पास कराने का आंकड़ा धरातल पर धड़ाम हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि सीमा विस्तार के बाद तेजी से बढ़े इन 11 हजार 582 मकानों में से कितनों का नक्शा विनियमित क्षेत्र से स्वीकृत है, इसकी कोई जानकारी नगर पालिका प्रशासन के पास भी मौजूद नहीं है। आंकड़ों की पड़ताल करें तो नगर पालिका परिषद महराजगंज में वर्ष 2019 में सीमा विस्तार से पहले कुल 5568 मकान दर्ज थे। 31 मार्च 2026 तक की रिपोर्ट में यह संख्...