मधुबनी, अगस्त 10 -- Madhubani News: मधुबनी/बाबूबरही। सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए पिछले सात वर्षों में जिले के विभिन्न स्टेट हाईवे के किनारे लगाए गए ढाई लाख से अधिक पौधों की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है। वन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग के अनुसार लगाए गए पौधों में करीब 35 फीसदी ही सुरक्षित बचे हैं। यानी करीब 65 फीसदी पौधे या तो सूख गए, नष्ट हो गए या वर्तमान में उनका अस्तित्व दिखाई नहीं देता। जिले के दोनों लोकसभा क्षेत्रों, जिला मुख्यालय और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले प्रमुख स्टेट हाईवे के किनारे कई जगह पौधरोपण के पुराने निशान तक नहीं बचे हैं। सड़क के दोनों किनारों पर जहां पौधों की कतार होनी चाहिए, वहां कई जगह खाली जमीन, आवासीय और व्यावसायिक निर्माण दिखाई देता है। कई स्थानों पर पुराने पौधों के सिर्फ सूखे तने बच...