मधुबनी, अगस्त 19 -- Madhubani News: झंझारपुर। नरुआर पंचायत के सर्वसीमा गांव के रामेश्वर यादव (उम्र 58 वर्ष) ने कहा कि वह दिन हम कभी नहीं भूल सकते। नदी का पानी लगातार बढ़ रहा था, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि तटबंध टूट जाएगा। अचानक रात के सन्नाटे में जोर का शोर हुआ-'बांध टूट गेलै, भागो-भागो!' देखते ही देखते कमला बलान की उफनती धारा गांव में समा गई। घर के बर्तन, अनाज और मवेशी सब पानी में बहने लगे। जान बचाने के लिए हम लोग ऊंचे स्थानों की तरफ भागे। मुख्य सड़क हो या गांव की गलियां, हर तरफ सिर्फ पानी की तेज धार थी। नरुआर उसरार और मुख्य सड़क को जोड़ने वाला पुल पानी के प्रचंड वेग को नहीं संभाल सका और ताश के पत्तों की तरह ढहकर बह गया। पूरे पंचायत में एक दर्जन से अधिक जगहों पर सड़कें कटकर बह गईं। हम अपने ही घर में बेबस खड़े होकर सब बर्बाद होते देखते रहे। ...