मधेपुरा, अगस्त 4 -- Madhepura News: कुमारखंड, निज प्रतिनिधि। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष पंचमी से आरंभ होकर शुक्ल पक्ष तृतीया को संपन्न होने वाली मिथिला संस्कृति की पहचान का लोकपर्व मधुश्रावणी पूजा का सोमवार से शुरुआत हो गया है। इस बार 13 दिन तक नवविवाहितओं द्वारा की जाने वाली इस पूजा का विशेष महत्व है। ऐसी प्रथा है कि इन दिनों नवविवाहिता ससुराल के द्वारा दिए कपड़े गहने ही पहनती हैं। इसलिए पूजा शुरू होने के एक दिन पूर्व नवविवाहिता के ससुराल से सभी सामग्री भेजी जाती है। पूजन के दौरान मैना पंचमी, मंगला गौरी, पृथ्वी जन्म, महादेव कथा, गौरी तपस्या, शिव विवाह, गंगा कथा, बिहुला कथा तथा बाल वसंत कथा सहित 14 खंडों में कथा का श्रवण किया जा रहा है। इस दौरान गांव समाज की बुजुर्ग महिला कथा वाचिकाओं द्वारा नवविवाहितों को समूह में बैठाकर कथा सुनाई जाती है।...