मधेपुरा, जुलाई 3 -- Madhepura News: चौसा, निज संवाददाता। प्रखंड के कुल 13 पंचायतों में से आधा दर्जन से अधिक पंचायत प्रत्येक साल बाढ़ की चपेट में रहती है। बाढ़ के दौरान पशुपालकों के समक्ष मवेशियों के लिए पशुचारा की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इलाके के चारों तरफ बाढ़ का पानी जमा रहने से पशुपालक के समक्ष पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो जाता है। आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांव के लगभग दस हजार पशुपालकों को बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की विवशता उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में पशुपालक बाढ़ से पूर्व हर साल अपनी मवेशियों को लेकर दूसरे गांव जाना पड़ता है। संभावित बाढ़ को देखते हुए पशुपालन मवेशियों को दूसरे गांव ले जाने की तैयारी में लगे हैं। पशुपालक विलास राम, मिथिलेश यादव, उमेश यादव, अमरेंद्र सिंह, सुधीर...