लखनऊ, अगस्त 21 -- Lucknow News: कलामण्डपम प्रेक्षागृह में आयोजित 'सावन विद मालिनी अवस्थी' संध्या सुर, ताल और बरखा के अद्भुत संगम की एक अविस्मरणीय गवाह बनी। लोकगीतों की पर्याय और भारत की माटी की खुशबू को अपने सुरों में पिरोने वाली पद्मश्री मालिनी अवस्थी जब मंच पर उतरीं, तो उन्होंने अपनी अलौकिक गायकी से पूरे प्रेक्षागृह को सावन के रसमय भावों से सराबोर कर दिया। उनकी खनकती आवाज, आंगिक अभिनय और कजरी की पारंपरिक तानों ने ऐसा जादू चलाया कि मानो बंद हॉल के भीतर ही घटाएं घिर आई हों और सुरों की झमाझम बारिश होने लगी हो। सावन विद मालिनी अवस्थी संध्या का आयोजन सोन चिरैया संस्था की ओर से एवं भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह, लोकगायिक मालिनी अवस्थी, बी...