लखनऊ, अक्टूबर 25 -- Lucknow News: सरकारी अस्पताल में पुनर्नियुक्त आर्थोपेडिक सर्जन पर बुजुर्ग महिला के हाथ के ऑपरेशन में कोताही का आरोप लगा है। परिजनों का दावा है कि अप्रैल 2026 में निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने के सात महीने बाद भी हड्डी नहीं जुड़ी। प्लेट खिसकने, स्क्रू ढीले होने, संक्रमण और असहनीय दर्द की शिकायत है। इलाज पर करीब 3 से 3.5 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद राहत नहीं मिलने पर बेटी ने जिलाधिकारी और सीएमओ से शिकायत की है। आलमबाग के सुजानपुरा निवासी प्रीति पांडेय का आरोप है कि 70 वर्षीय मां माधुरी के हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। परिजन उन्हें इलाज के लिए ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय ले गए थे। यहां आर्थोपेडिक सर्जन ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। बेटी का आरोप है कि अप्रैल में डॉक्टर ने निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया। इसके बाद सात महीन...