लखनऊ, अगस्त 5 -- Lucknow News: - हिंसा को सुनियोजित साजिश का परिणाम बताया गया

घटना का विवरण - आयोग ने कहा, घटना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा लखनऊ, विशेष संवाददाता संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा राजनीतिक महत्वाकांक्षा और वर्चस्व का परिणाम मानी गई है। सर्वेक्षण को रोकने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाने, भीड़ जुटाने और हिंसा भड़काने के तथ्य सामने आए हैं। संभल हिंसा की जांच के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट बुधवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश की गई।

आयोग की सिफारिशें आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद और पूर्व डीजीपी एके जैन सदस्य थे। रिपोर्ट में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक इकबाल महमूद...