लखनऊ, अक्टूबर 11 -- Lucknow News: केजीएमयू से मरीज को निजी अस्पताल भेजने के मामले की जांच सुस्त है। एक माह बीतने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बस्ती के कुदरहा निवासी पुष्पा (54) को परिजन सितंबर में केजीएमयू नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी लाए थे। मरीज को किडनी की परेशानी व फेफड़े में संक्रमण था। आरोप है कि संविदा असिस्टेंट प्रोफेसर ने फेफड़े में पाइप डालने की जरूरत बताकर प्रक्रिया में देरी का हवाला दिया। मरीज को दुबग्गा के निजी हॉस्पिटल में भेजा था। वहां मुफ्त इलाज का भरोसा दिया गया था, लेकिन करीब एक लाख रुपये वसूले गए। जबकि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड था। बेटे विजय कुमार चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई थी। डॉक्टर ने निजी अस्पताल में इलाज कराने के आरोप से इनकार किया था। मरीज के बेटे की शिकायत पर डॉक्टर के बयान दर्ज कर रिपोर्ट भेजी गई थी। ...