लखनऊ, अक्टूबर 27 -- Lucknow News: बीमारी या दुर्घटना के कारण चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत वाले मरीजों में ऑक्यूपेशनल थेरेपी आत्मनिर्भर बनाने में मददगार है। इसके जरिए मरीज दोबारा कपड़े पहनने, भोजन करने, अपनी देखभाल करने और सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो सकते हैं। यह जानकारी मंगलवार को लोहिया संस्थान में विश्व ऑक्यूपेशनल थेरेपी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) के विभागाध्यक्ष डॉ. वीएस गोगिया ने दी।उन्होंने कहा कि पुनर्वास का मकसद मरीज को केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाना नहीं। बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनाना भी होता है। डॉ. स्निग्धा मिश्रा ने बताया कि ऑक्यूपेशनल थेरेपी मरीजों को दैनिक गतिविधियों और सामाजिक जीवन से दोबारा जोड़ने कारगर है। वरिष्ठ ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट अनंत कुमार ने इसके फायदे बता...