लखनऊ, अगस्त 16 -- Lucknow News: केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कैजुअल्टी में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए 16 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के इंटरव्यू हो चुके हैं। उन्होंने नौकरी ज्वाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर सभी रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी संभाल लेंगे। ट्रॉमा सेंटर में 400 से अधिक बेड हैं, जबकि अकेले कैजुअल्टी में 44 बेड की व्यवस्था है। यहां रोजाना 250 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ज्यादातर बेड भरे रहने पर कई मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर ही करना पड़ता है। ट्रॉमा के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि यहां रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी का सीधा असर मरीजों पर पड़ता है। डॉक्टरों की कमी होने पर जांच, मरीजों की ...