लखनऊ, जुलाई 5 -- Lucknow News: छावनी क्षेत्र में भवनों के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। अंग्रेजों के समय के बने नियम लागू होने से 100 अधिक फाइलें लम्बे समय से धूल फांक रही हैं, जबकि जनसंख्या, पारिवारिक संरचना और लोगों की जरूरतें पूरी तरह बदल चुकी हैं। पुराने कानूनों के कारण लोगों को अपने ही मकान के स्वामित्व का रिकॉर्ड दुरुस्त कराने में महीनों चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसी ने अपने मकान में जरूरत के हिसाब से मामूली परिवर्तन करा लिया तो उसे छावनी परिषद अवैध बता दे रहा है। कई मकान जर्जर हो चुके हैं। उन्हें दुरुस्त कराने से भी लोग डर रहे हैं। वर्षों से एक ही परिवार के कब्जे में रहने वाले वारिस को भवन अपने नाम कराना हो तो दाखिल-खारिज करा पाना संभव नहीं है। एसे में मकान के नाम पर बैंक ऋण या अन्य कानूनी प...