लखनऊ, अगस्त 5 -- Lucknow News: नगर निगम की गृहकर निर्धारण व्यवस्था में बदलाव की मांग बुधवार को विधान परिषद में जोरदार ढंग से उठी। विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ने नियम-115 के तहत जनहित का मामला उठाते हुए कहा कि गृहकर के वार्षिक मूल्यांकन में प्रशासनिक देरी का बोझ आम नागरिकों पर डालना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार से व्यवस्था में संशोधन कर नया गृहकर केवल चालू वर्ष से लागू करने की मांग की। मुकेश शर्मा ने सदन में कहा कि नगर निगम भवनों का गृहकर वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर तय करता है और समय-समय पर उसका पुनर्मूल्यांकन भी किया जाता है। लेकिन कई बार मूल्यांकन समय पर नहीं हो पाता। इसके बावजूद संशोधित गृहकर को पूर्व वर्षों से प्रभावी कर दिया जाता है, जिससे नियमित रूप से गृहकर जमा करने वाले भवन स्वामियों पर भी अचानक बकाया कर का भारी बोझ पड़ ...