लखनऊ, सितम्बर 10 -- Lucknow News: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को जून महीने में तीन दिनों तक लखनऊ स्थित उनके आवास पर रोके रखने का कारण उन्हें बताया गया था या नहीं। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान व न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने मुकेश सहनी की याचिका पर पारित किया है। याचिका की सुनवाई के दौरान मुकेश सहनी की ओर से दलील दी गई कि शाहजहांपुर जनपद के पुलिस अधीक्षक ने 28 जून 2026 को एक आदेश जारी कर उन्हें 28 से 30 जून तक लखनऊ स्थित उनके आवास पर ही रहने के लिए निर्देशित किया था। याची का कहना था कि उनके आवागमन पर रोक लगाने का कोई कारण उन्हें नहीं बताया गया।...