लखनऊ, अक्टूबर 23 -- Lucknow News: अज्ञात शवों की पहचान हो या लापता व्यक्ति की तलाश, अब डीएनए जांच के लिए केजीएमयू में ही आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। पितृत्व विवाद और अस्पतालों में नवजात शिशुओं की अदला-बदली जैसे मामलों की जांच में भी यह प्रयोगशाला अहम भूमिका निभाएगी। केजीएमयू के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अपनी तरह की पहली डीएनए फिंगरप्रिंटिंग प्रयोगशाला शुरू की गई है। शुक्रवार को कुलपति पद्मश्री डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर फॉरेंसिक डीएनए प्रोफाइलिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला भी शुरू हुई। विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार वर्मा ने कहा कि डीएनए प्रोफाइलिंग से अज्ञात शवों, लापता व्यक्तियों और आपदाओं में जान गंवाने वालों की पहचान करने में मदद मिलेगी। डॉ. अंशु प्रिया ने बताया कि प्रय...