लखनऊ, अगस्त 3 -- Lucknow News: अर्जुनगंज के सरसवां में छुट्टा पशु के हमले से बच्ची के घायल होने के बाद भी छावनी परिषद प्रशासन की कार्यशैली नहीं बदली है। हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद छावनी क्षेत्र में आबादी के बीच दो दर्जन से अधिक डेयरियां संचालित हो रही हैं। डेयरी संचालकों द्वारा दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में छुट्टा मवेशियों का आतंक बना हुआ है। वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने आबादी के बीच डेयरियों के संचालन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए छावनी परिषद को इन्हें वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। इसके बाद रेलवे लाइन के किनारे गोकुल नगरी के नाम से कैटल कॉलोनी विकसित की गई और अभियान चलाकर डेयरियों को वहां शिफ्ट कराया गया। साथ ही छुट्टा पशुओं को पकड़ने और जब्ती की कार्रवाई भी शुरू हुई।...