Lucknow News: आजादी के दीवानों की पनाहगाह थी सरदार जोगिंदर सिंह की हवेली, इंकलाब के नारों से गूंजती थीं दीवारें; आज बदहाल पड़ी धरोहर
लखनऊ, जुलाई 13 -- Lucknow News: सोहनलाल मिश्र / श्रावस्ती, संवाददाता। भगवान बुद्ध की तपोस्थली के रूप में दुनियाभर में विख्यात श्रावस्ती की धरती सिर्फ आध्यात्म की ही नहीं, बल्कि स्वंतत्रता संग्राम की भी गवाह रही है। जिला मुख्यालय भिनगा से करीब 18 किलोमीटर दूर भंगहा में खड़ी सरदार जोगिंदर सिंह की हवेली इसका जीता-जागता प्रमाण है। एक दौर था जब इस हवेली की दीवारें इंकलाब के नारों से गूंजती थीं। यहां अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने की रणनीतियां बनती थीं और आजादी के दीवाने अंग्रेजों की नजरों से बचकर यहां पनाह पाते थे। लेकिन स्वतंत्रता संग्राम की यह अनमोल निशानी आज देखरेख के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते वीरान होकर खंडहर में तब्दील हो चुकी है। जिन दीवारों ने कभी क्रांति की गूंज सुनी थी, वे आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही हैं。
क्रांति...
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