शिमला, मार्च 19 -- राजधानी शिमला में कमर्शियल एलपीजी की कमी का असर अब सीधे विधानसभा के बजट सत्र पर भी दिखने लगा है। हालात ऐसे हैं कि जहां आम तौर पर बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडरों पर खाना तैयार किया जाता था, वहीं अब सत्र के दौरान लोगों के लिए खाना पारंपरिक लकड़ी के चूल्हों पर बनाया जा रहा है। यह स्थिति न सिर्फ असामान्य है बल्कि इससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव भी साफ दिखाई दे रहा है। दरअसल, विधानसभा सत्र के दौरान रोजाना बड़ी संख्या में विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण रसोइयों को पुराने तरीके अपनाने पड़ रहे हैं। लकड़ी खरीदकर बड़े स्तर पर खाना बनाया जा रहा है। इससे काम में ज्यादा समय लग रहा है और मेहनत भी बढ़ गई है।बड़ी मात्रा में खाना तैयार करना पड़...
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