नई दिल्ली, मार्च 13 -- हालिया वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों ने एक बार फिर दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) उपभोक्ता है और अपनी कुल खपत का लगभग 60% हिस्सा आयात करता है, जो मुख्य रूप से मध्य पूर्व के देशों से आता है। अगर वैश्विक सप्लाई चेन किसी कारणवश पूरी तरह ठप्प हो जाती है, तो यह भारत की रसोई से लेकर अर्थव्यवस्था तक पर सीधा असर डालेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत के पास कोई 'प्लान बी' है? आइए विस्तार से समझते हैं कि भारत के पास क्या विकल्प हैं और सरकार किन चीजों को तेजी से बढ़ावा दे रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण देश में एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्री यातायात रुकने से भारत क...
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