Lohardaga News: पंडालों में लगने वाले ठेलों का अर्थशास्त्र
लोहरदगा, अक्टूबर 13 -- Lohardaga News: लोहरदगा, संवाददाता। दुर्गोत्सव केवल आस्था, भक्ति और उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि स्थानीय बाजार और छोटे कारोबारियों के लिए कमाई का एक बड़ा मौका भी है। लोहरदगा शहर में दुर्गापूजा के दौरान सजने वाले पूजा पंडालों के आसपास खान-पान की दुकानों और ठेलों की रौनक देखते ही बनती है। कहीं चाउमीन और मोमोज की खुशबू लोगों को आकर्षित करती है, तो कहीं चाट, फुचका, दहीबड़ा, रोल और आइसक्रीम के स्टॉल पर भीड़ उमड़ती है। वहीं, झारखंड के पारंपरिक व्यंजन धुसका की मौजूदगी स्थानीय खान-पान की पहचान को भी जीवित रखती है। शहर में इस वर्ष 23 पूजा पंडाल सजाए जा रहे हैं। इन पंडालों के आसपास लगने वाली खान-पान की दुकानों से दुर्गोत्सव के दौरान लगभग 20 से 30 लाख रुपये तक के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कमाई दुकानो...
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