ललितपुर, अक्टूबर 11 -- Lalitpur News: महरौनी। समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के क्रम में ग्राम छायन निवासी स्वर्गीय श्री जयराम कुशवाहा के निधन उपरांत मृत्युभोज के स्थान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि कुरीतियों से निकलकर हमको आगे बढ़ना होगा। श्रद्धांजलि सभा में पंडित मुनि पुरुषोत्तम नारायण दुबे वानप्रस्थ ने कहा कि वैदिक धर्मानुसार अंत्येष्टि ही अंतिम संस्कार हैं। उसके बाद के सभी कृत्य जैसे गंगा आदि नदियों में अस्थि विसर्जन, गया जी में पिंडदान, मृतक श्राद्ध आदि सभी अवैदिक, अर्थात करने योग्य नहीं हैं। शिक्षक लखन लाल आर्य ने कहा कि जीवित माता पिता की सेवा करना ही सच्चा श्राद्ध हैं। हम सभी को संकल्प लेना होगा कि हम आने वाली युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखते हुए संस्कारित चरित्रवान बनायेंगे। क्रय विक्रय ...