ललितपुर, अक्टूबर 16 -- Lalitpur News: ललितपुर,संवाददाता। नवरात्र के छठवें दिन मंदिरों और पांडालों में विराजी जगतजननी के कात्यायनी स्वरूप को अगाध श्रद्धा के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा और आरती उतारी। माता को प्रिय पीले वस्त्र और गुड़हल के लाल पुष्प अर्पित किए गए। शंख, घंटा, घड़ियाल की गूंज के साथ मंदिरों में सुबह शाम आरती का क्रम जारी रहा। विद्वान पुरोहितों ने बताया कि नवरात्र के छठवें मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा होती है। मां कात्यायनी सिंह पर सवार हैं। उनकी चार भुजाएं हैं। उनके दो हाथों में कमल और तलवार सुशोभित हैं। अन्य दो हाथ वर और अभयमुद्रा में रहते हैं। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसीलिए उनको कात्यायनी कहा जाता है। इनकी उपासना से भक्तों को भय, शत्रु और बाधाओं से ...