ललितपुर, जुलाई 30 -- Lalitpur News: ललितपुर। अतिशयकारी भगवान अरनाथ के एकमात्र प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में मुनि श्री मंगलानंदसागर महाराज व मुनिश्री मंगलसागर महाराज के वर्षायोग स्थापना का मांगलिक समारोह सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में अगाध श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। इस मौके पर मुनिश्री ने श्रावकों के लिए चातुर्मास का महत्व बताया। अपने मंगल प्रवचनों में मुनिश्री मंगलानंद सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास केवल साधु-संतों की साधना का काल नहीं, बल्कि श्रावकों के लिए भी आत्मसंयम, स्वाध्याय और धर्माराधना का विशेष अवसर है। वर्षाकाल में अनावश्यक समारंभों व हिंसात्मक प्रवृत्तियों से बचते हुए प्रत्येक कार्य विवेकपूर्वक करना चाहिए, जिससे सूक्ष्म जीवों की अनावश्यक विराधना न हो। यह भी पढ़ें- वर्षायोग : चार माह साधु-श्रावकों को स्व...