ललितपुर, अगस्त 18 -- Lalitpur News: ललितपुर। रेलवे ट्रैक, बंजर भूमि, उद्यान और सड़कों के किनारे दिखाई देने वाली गाजर घास विदेशी खतरनाक खरपतवार है। यह मनुष्यों के साथ-साथ पशुओं की सेहत के लिए बहुत घातक है। इससे दोनों को गंभीर रोग हो रहे हैं। इससे निपटने के लिए 22 अगस्त तक आयोजित जागरुकता कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को अहम जानकारी दी गयी। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा के निर्देशन में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र ललितपुर के केंद्राध्यक्ष डा. मुकेश चंद के नेतृत्व में 21वें गाजर घास उन्मूलन जागरुकता सप्ताह के तीसरे दिन 19 अगस्त को गाजरघास मुक्त केवीके परिसर का आयोजन किया गया। इस मौके पर विषय वस्तु विशेषज्ञ सस्य एवं नोडल अधिकारी गाजरघास उन्मूलन जागरुकता सप्ताह डा. दिनेश तिवारी ने तकनीकी जानकारी देते हुए ब...