ललितपुर, अगस्त 8 -- Lalitpur News: ललितपुर। जून और जुलाई माह में औसत से कम बारिश और अगस्त का पहला सप्ताह खाली जाने के बाद बीती देर रात्रि जोरदार बरसात ने फिलहाल मुरझाती फसलों को नया जीवन दे दिया है। खेतों में फसलें फिर से लहलहाने लगी हैं। पारा लुढ़कने के साथ आंखों को सुकून देने वाली हरियाली हर तरफ दिखाई दे रही है। बुंदेलखंड स्थित ललितपुर जनपद में मुख्य रूप से दो बार रबी और खरीफ में फसलें बोई जाती हैं। रबी में फसलों की सिंचाई के लिए नहरें संचालित होती हैं, वहीं खरीफ इस जिले में असिंचित फसल है। कुछेक किसानों को छोड़ दें तो इसकी सिंचाई इंद्रदेव के भरोसे रहती है। आम तौर पर इस जनपद में दो लाख से अधिक किसान तीन लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फसलों की बुआई करते हैं। इस बार खरीफ के दौरान जनपद में कुल 3,24,236 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की बुआ...