लखीसराय, अक्टूबर 17 -- Lakhisarai News: बड़हिया,निज प्रतिनिधि। आस्था की जड़ें जब परंपराओं में गहराई तक उतर जाती है, तो समय के साथ उनका स्वरूप भले बदल जाए, लेकिन उनकी जीवंतता बनी रहती है। बड़हिया की प्राचीन दुर्गा पूजा परंपराओं में शामिल नगर की गेंदालाल दुर्गा इसका एक विशिष्ट उदाहरण है। यहां 18वीं शताब्दी से ही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना किए जाने की परंपरा चली आ रही है। कभी खिलौने के आकार में निर्मित होने वाली मां की प्रतिमा आज भव्य रूप में अपने मंदिर में विराजमान होती हैं। इस लंबी यात्रा में कई पीढ़ियों का योगदान, ग्रामीणों की सामूहिक आस्था और समय के साथ बदलती परंपराओं की कहानी समाहित है। शक्ति की उपासना के लिए विशिष्ट पहचान रखने वाले बड़हिया नगर में मां दुर्गा की प्रतिमाएं विभिन्न स्थलों पर स्थापित की जाती हैं। इन सभी स...