लखीसराय, सितम्बर 7 -- Lakhisarai News: कजरा, एक संवाददाता । घरों की रसोई से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे को यदि थोड़ी समझदारी के साथ उपयोग किया जाए तो यही कचरा पौधों और सब्जियों के लिए उपयोगी जैविक खाद का रूप ले सकता है। केले के छिलके, चाय की बची पत्ती, अंडे के छिलके, कॉफी के अवशेष तथा सब्जियों के छिलकों को कूड़ेदान में फेंकने के बजाय कंपोस्ट तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।किसान सलाहकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रसोई से निकलने वाले जैविक अवशेषों में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों की वृद्धि में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हर बार बाजार से महंगी रासायनिक खाद खरीदने की आवश्यकता नहीं है। घरेलू स्तर पर उपलब्ध जैविक कचरे का सही प्रबंधन कर काफी हद तक खाद की जरूरत पूरी की जा सकती है। उन्ह...