लखीसराय, अक्टूबर 13 -- Lakhisarai News: दिग्विजय कुमार, बड़हिया। आस्था की जड़ें जब इतिहास में गहराई तक उतर जाती हैं, तब परंपराएं केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान बन जाती हैं।बड़हिया नगर के तिलक मैदान में शारदीय नवरात्र के अवसर पर स्थापित होने वाली मां बड़ी दुर्गा की पूजा परंपरा भी ऐसी ही विरासत की साक्षी है।स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, यहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा ढाई सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी है। समय के साथ पीढ़ियां बदलती रहीं, लेकिन श्रद्धा और परंपरा की यह अविरल धारा आज भी कायम है। बड़हिया नगर के बीचो बीच स्थित तिलक मैदान की खासियत यह है कि यहां एक ही परिसर में मां बड़ी दुर्गा प्रथम, द्वितीय और तृतीय की तीन प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इन तीनों प्रतिमाओं की स्थापना की परंपरा एक ही परिवा...