नई दिल्ली, मार्च 19 -- नवरात्रि, शिवरात्रि किसी भी खास व्रत में कुट्टू के आटे की पूड़ी, चीला, पकौड़े खाए जाते हैं। कुट्टू के आटे को व्रत स्पेशल मान लिया गया है और जब भी कोई व्रत होता है, लोग सबसे पहले कुट्टू का आटा खरीदते हैं। कुट्टू का आटा न सिर्फ व्रत में खाया जा सकता है बल्कि ये हेल्थ के लिए भी अच्छा माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुट्टू का आटा आखिर कहां से आया और कैसे यह भारत में व्रत का खास हिस्सा बन गया? इसका इतिहास काफी पुराना और रोचक है, चलिए आपको बताते हैं।सालों पुराना है इतिहास कुट्टू (Buckwheat) असल में गेहूं जैसा अनाज नहीं, बल्कि एक बीज है, जिसे प्सूडो-सीरियल कहा जाता है। इसका पौधा तेजी से उगता है और ठंडे इलाकों में इसकी अच्छी पैदावार होती है। कुट्टू ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए ये सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद मान...
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