कुशीनगर, अक्टूबर 2 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। एपी तटबंध के टूटने के बाद नरवा जोत से अहिरौली दान तक बांध की मरम्मत और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि जब वर्षों से तटबंध के संवेदनशील होने की जानकारी थी, लगातार रिसाव और बढ़ते जलदबाव की स्थिति सामने आती रही और हाल में नेपाल में आई बाढ़ के बाद नारायणी नदी में भारी पानी आने का खतरा भी बढ़ गया था तो बाढ़ खंड विभाग ने पहले से पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की। तटबंध टूटने के बाद जवही दयाल, चैनपट्टी और आसपास के क्षेत्रों में पानी पहुंचने से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। यह भी पढ़ें- Kushinagar News: एपी तटबंध: पहले हो जाता निरीक्षण तो शायद टल सकती थी तबाही तटबंध की मरम्मत में कोताही तटबंध किनारे रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से न...