कुशीनगर, अक्टूबर 27 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में पडरौना शहर से लेकर जिले के कस्बाई इलाकों तक मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। रसगुल्ला, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद और छेने की मिठाइयों की बढ़ती खपत पूरी करने के लिए कारोबारी स्थानीय दूध के साथ पैकेटबंद दूध का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, मावे की जरूरत पूरी करने के लिए कानपुर और गोरखपुर से आपूर्ति ली जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों और सहालग के दौरान मांग बढ़ने पर केवल स्थानीय दूध उत्पादन के सहारे कारोबार चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पैकेटबंद दूध और बाहर से आने वाले मावे पर निर्भरता बढ़ जाती है। यह भी पढ़ें- Palamu News: पलामू में मिठाइयों की मांग के अनुरूप उत्पादित नहीं होता है दूध, बाहर के दूध व उत्पादों पर निर्भरता दूध की मां...