कुशीनगर, नवम्बर 8 -- Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। दीपावली पर रोशनी और खुशियों के बीच पटाखों की आतिशबाजी बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए मुसीबत बन जाती है। तेज धमाकों और धुएं से जहां इंसानों को परेशानी होती है तो वहीं पशु-पक्षी भी दहशत में आ जाते हैं। अचानक होने वाली तेज आवाज से वे घबराकर इधर-उधर भागने लगते हैं। इस दौरान उनके घायल होने और जान पर खतरा बनने की आशंका रहती है। ऐसे में दीपावली मनाते समय खुद की सुरक्षा के साथ बेजुबानों का ख्याल रखना भी जरूरी है। कार्यवाहक जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्याराम वर्मा ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान पटाखों से निकलने वाली आवाज 190 डेसीबल तक पहुंच सकती है। पशु-पक्षियों की सुनने की क्षमता काफी संवेदनशील होती है। तेज धमाकों से वे घबरा जाते हैं और कई बार डर के कारण सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भ...