कुशीनगर, नवम्बर 4 -- Kushinagar News: कुशीनगर। गंडक नदी का जलस्तर भले ही नीचे चला गया हो, लेकिन एपी तटबंध पर नदी के कटान का खतरा बरकरार है। किमी 4.400 पर जियोबैग और बोल्डर डालकर कटान रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन अब कट वन के पास किमी 4.500 पर नदी का दबाव बढ़ने लगा है। नदी के लगातार अपना रुख बदलने से किमी 4.300 से कट वन तक का क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है।

तटबंध पर कटान का बढ़ता खतरा स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने के बावजूद किनारों का कटना चिंता बढ़ा रहा है। किमी 4.400 पर कटान शुरू होने के बाद विभाग ने जियोबैग और बोल्डर डालकर बचाव कार्य कराया था। इससे तत्काल राहत मिली, लेकिन अब कुछ दूरी आगे किमी 4.500 पर नदी किनारे कटान कर रही है। वर्ष 2025 में इस क्षेत्र में रिवेटमेंट और एप्रन का निर्माण कराया गया था। इसके बा...