कोडरमा, अगस्त 18 -- Kodarma News: झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। सिंधारा कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी लोकगीतों और पारंपरिक संगीत का दौर चला। महिलाओं ने सामूहिक रूप से गीत गाए व नृत्य कर सावन के उल्लास को और भी यादगार बनाया। मारवाड़ी समाज में सावन के अवसर पर तीज पर्व के पहले बहू-बेटियों का सिंधारा करने की प्राचीन परंपरा रही है। इसी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने व जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज एवं मारवाड़ी ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रमों में महिलाओं और युवतियों की विशेष भागीदारी देखने को मिल रही है। यह भी पढ़ें- Muzaffarpur News: सावन मिलन समारोह में दिखाई संस्कृति और परंपरा की झलक 25 अगस्त को होगा राणी सती दादी का सिं...