कोडरमा, अगस्त 9 -- Kodarma News: सतगावां, निज प्रतिनिधि यह भी पढ़ें- Kodarma News: विश्व आदिवासी दिवस विशेष: जंगल में जिंदगी, सुविधाओं से दूर हैं आदिवासी टोले आदिवासी शब्द का जिक्र होते ही जेहन में कभी एक ऐसे वंचित तबके की तस्वीर उभरती थी, जो विकास की मुख्यधारा से दूर जंगल और पहाड़ों के बीच अपना जीवन गुजारने को मजबूर था। समय बदला है और बदलाव की कुछ किरणें आदिवासी समाज तक भी पहुंची हैं। शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ा है। समाज के कई युवा पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी, पुलिस विभाग समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। लेकिन प्रखंड के दूरदराज इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- Kodarma News: विश्व आदिवासी दिवस : शिक्षा के प्रति जागरुक हो रहे आदिवासी, लेकिन समस्याएं अब भी ब...