कोडरमा, अक्टूबर 12 -- Kodarma News: डोमचांच, निज प्रतिनिधि। डोमचांच के कालीमंडा में मां दुर्गा की आराधना की परंपरा डेढ़ सौ साल से भी अधिक पुरानी है। पीढ़ियां बदलती गईं, समय के साथ पूजा आयोजन का स्वरूप भी बदलता रहा, लेकिन मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था आज भी कायम है। इस वर्ष ऐतिहासिक दुर्गापूजा को भव्य रूप देने की तैयारी चल रही है। दुर्गापूजा फाउंडेशन कालीमंडा की ओर से राजस्थान के राजमहल की तर्ज पर भव्य पूजा पंडाल तैयार कराया जा रहा है। पंडाल निर्माण से लेकर प्रतिमा और आकर्षक रोशनी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 80 गुणा 60 फीट का होगा पंडाल, रोशनी से जगमगाएगा परिसर: इस बार कालीमंडा का पूजा पंडाल करीब 80 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा होगा। राजमहल की तर्ज पर इसकी डिजाइन और सजावट की जा रही है। पंडाल निर्माण पर करीब 4.50 लाख र...