किशनगंज, अक्टूबर 26 -- Kishanganj News: किशनगंज, निज संवाददाता। किसी परिवार के लिए बच्चे की बीमारी केवल स्वास्थ्य से जुड़ी चिंता नहीं होती, बल्कि उसके साथ इलाज का खर्च, अस्पताल तक पहुंचने की परेशानी और बच्चे के भविष्य को लेकर अनेक आशंकाएं भी जुड़ी होती हैं। जन्मजात कटे होंठ और कटे तालु जैसी समस्याओं से प्रभावित बच्चों के परिवारों के लिए विशेषज्ञ उपचार तक पहुंचना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की वह पहल महत्वपूर्ण हो जाती है, जो जरूरतमंद परिवारों को सही समय पर उपचार से जोड़ने के साथ उनके आर्थिक बोझ को कम करने में भी मदद करती है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से किशनगंज में इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसी बच्चे का उपचार केवल इसलिए न रुके कि उसका परिवार महंगे इलाज का...