किशनगंज, अक्टूबर 23 -- Kishanganj News: ठाकुरगंज, निज संवाददाता। आधुनिकता की चकाचौंध, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक प्रतिमाओं के बीच दशहरा विसर्जन के दिन ठाकुरगंज के पावर हाउस स्थित त्रिमूर्ति मंदिर परिसर में आदिवासी नृत्य ने अपनी अलग छाप छोड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे आदिवासी समुदाय के लोगों ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। नृत्य की थाप और पारंपरिक अंदाज ने लोगों को लोक संस्कृति की जड़ों से जोड़ दिया। सीमांचल में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि विभिन्न समुदायों की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है। यही वजह है कि क्षेत्र के कई पूजा पंडालों में आदिवासी समुदाय के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं। उनकी प्रस्तुतियां विसर्जन के उल्लास को और खास बना देती हैं। यह भी पढ़ें...