किशनगंज, जुलाई 28 -- Kishanganj News: ठाकुरगंज। निज संवाददाता मोनोक्रोटोफॉस कीटनाशक के उपयोग को लेकर लागू नई व्यवस्था ने सीमांचल के प्रमुख चाय उत्पादक जिला किशनगंज के चाय उद्योग की रफ्तार धीमी कर दी है। टी बोर्ड की निगरानी और नॉर्थ बंगाल टी प्रोड्यूसर्स एसोसियेशन (एनबीटीपीए) द्वारा गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर जोर दिए जाने के बाद कई बॉटलीफ चाय फैक्ट्रियां एमआरएल (मैक्सिमम रेसिड्यू लिमिट) जांच रिपोर्ट अथवा मोनोक्रोटोफॉस मुक्त प्रमाण के बिना हरी चाय पत्तियों की खरीद से परहेज कर रही हैं। इससे जिले के हजारों छोटे चाय उत्पादक और उनसे जुड़े मजदूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

किसानों के असमंजस किशनगंज के अधिकांश छोटे चाय किसान अपनी हरी पत्तियां उत्तर बंगाल की फैक्ट्रियों में बेचते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान असमंजस में ...