किशनगंज, अक्टूबर 26 -- Kishanganj News: किशनगंज, संवाददाता। किशनगंज जिले में त्योहारों और शादियों के सीजन के दौरान दूध और मावे की मांग और आपूर्ति के बीच एक बहुत बड़ा अंतर (क्राइसिस गैप) देखा जा रहा है। जब आम दिनों की तुलना में मिठाइयों की खपत अचानक 4 से 5 गुना बढ़ जाती है, तो स्थानीय डेयरी व्यवस्था पर इसका भारी दबाव पड़ता है। हालांकि किशनगंज जिले में पश्चिम बंगाल से मेवा, छेना की आपूर्ति होती है। वहीं इस मांग और आपूर्ति के भारी अंतर (गैप) को पाटने के लिए बाजार में सिंथेटिक दूध, नकली मावा और मिलावटी पनीर का एक समानांतर और खतरनाक कारोबार सक्रिय हो जाता है। त्योहारी सीजन में किशनगंज शहर के प्रमुख बाजारों में खोया, पेड़ा, कलाकंद और पनीर की मांग चरम पर पहुंच जाती है। यह भी पढ़ें- Kishanganj News: मिठाइयों की सप्लाई बंगाल से, गुणवत्ता की जांच नदारद...