किशनगंज, सितम्बर 1 -- Kishanganj News: किशनगंज, निज संवाददाता। फाइलेरिया सिर्फ शरीर के किसी अंग में होने वाली सूजन का नाम नहीं है। यह ऐसी बीमारी है, जिसका असर धीरे-धीरे व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ उसके कामकाज, सामाजिक जीवन और आत्मविश्वास पर भी पड़ सकता है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फाइलेरिया का संक्रमण होने के बाद लंबे समय तक इसके लक्षण दिखाई नहीं देते और जब प्रभावित अंग में सूजन स्पष्ट होने लगती है, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। हाथीपांव के नाम से पहचाने जाने वाले लिम्फेटिक फाइलेरिया को लेकर समाज में आज भी कई भ्रांतियां हैं। इन्हीं भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को बीमारी की गंभीरता समझाने में किशनगंज के 41 वर्षीय अनिल रजक एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। अनिल पिछले करीब 20 वर्षों से स्वयं फाइलेरिया की पीड़ा झेल रहे हैं। रोजमर्...