नई दिल्ली, मार्च 14 -- हिंदू धर्म में खरमास का खास महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास वह समय होता है जब सूर्य देव गुरु यानी बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक यह अवधि शुभ कार्यों को करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए इस समय शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या नया बिजनेश शुरू करने जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। साल 2026 में पहला खरमास (मीन संक्रांति) 14-15 मार्च (शनिवार की रात/रविवार की सुबह) से शुरू होगा, जो 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) तक रहेगा। इस दौरान सूर्य देव मीन राशि में रहेंगे, जिससे लगभग एक महीने तक शादी, गृह प्रवेश और सगाई जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। यह भी पढ़ें- खरमास शुरू होने से पहले जरूर घर ले आएं ये 5 चीजें, धन-समृद्धि में होगी वृद्धि2026 में खरमास कब से ...
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